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ये जख्मे जिगर हम उठाए  कैसे 
तुम ही कहो अब मुस्कुराए कैसे

आते है बार बार मेरी आंख मे आंसू

हम अश्क अपने उनसे छुपाए कैसे

तेरी यादो से ही रौशन है मेरी दुनिया

ये दिया अपने हाथो से बुझाए कैसे

जुबां खुलती नही मेरी तेरी महफिल मे

इस भरे बज्म हम कोई गीत सुनाए कैसे 

 

 

ये जख्मे जिगर हम उठाए कैसे

तुम ही कहो अब मुस्कुराए कैसे

 

आते है बार बार मेरी आंख मे आंसू

हम अश्क अपने उनसे छुपाए कैसे

 

तेरी यादो से ही रौशन है मेरी दुनिया

ये दिया अपने हाथो से बुझाए कैसे

 

जुबां खुलती नही मेरी तेरी महफिल मे

इस भरे बज्म हम गीत सुनाए कैसे 

शामे मेरी भी अब बेसदा हो गई


जिंदगी मेरी अब सजा हो गई
मौत भी मुझसे बेवफा हो गई

मोहब्बत का पैगाम न आया कोई
जाने हमसे क्या खता हो गई

रंजो गम फैला है इन हवाओं में
क्यूँ हमसे खफा ये सबा हो गई

खामोश बैठे है महफ़िल में इस तरह
शामे मेरी भी अब बेसदा हो गई

भटकते कदमों की आरही है सदा
उनकी आवारगी की इन्तिहाँ हो गई

आंख शब भर मेरी लगती नहीं क्यों

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कयामत की रात ये ढलती नहीं क्यों

खिजा की रुत भी बदलती नहीं क्यों

क्याबतलाऊ मैं तुझको ऐ दिलबर

तन्हा रुत अब गुजरती नही क्यों

टुटा है जब से ख्वाब मेरी आँखों का

आंख शब भर मेरी लगती नहीं क्यों

अब्र आते है बरसते हैं चले जाते है

कली दिल की मगर खिलती नहीं क्यों

     बैठी हूँ बीच दरिया में मगर

   प्यास ये मेरी बुझती नहीं क्यों

               (अनु )

डूबती कश्ती ने साहिल का इशारा नहीं देखा

उनके होठो पे तबसुम कोई प्यारा नही देखा

फिर निगाहों ने कोई ख्वाब दोबारा नही देखा

बारहा महके है गुज़रे हुए मौसम का खयाल

कफस में फिर कभी गुलज़ार नज़ारा नहीं देखा

शब को रोशन करें ये चाँद सितारे सारे

करे जो रूह को रोशन वो सितारा नही देखा

तिश्नगी रूह की मेरी जो बुझाये कोई

अब तलक अब्र कोई ऐसा आवारा नही देखा

यूँ तो जज़्बा भी, हौसला भी तमन्ना भी थी

डूबती कश्ती ने साहिल का इशारा नहीं देखा

जाने क्यूँ महका गुजरे हुये मौसम का खयाल

हमने सदियों से गुलज़ार का नज़ारा नही देखा

वक्त रहता कभी एक सा नहीं है

वक्त रहता कभी एक सा नहीं है

यहाँ मोहोबत करना आसां नहीं है

उनकी यादो का साया है साथ मेरे

क्या हुआ जो सर पर आसमां नहीं है

पीकर अक्सर बेअसुल हो जातेहो तुम

पर जानती हूँ मै दिल तेरा शैतां नहीं है

खुदा की बख्स है चल रही है सांसेवरना जीने का मुझको अरमां नहीं है

मेरी बर्बादियो का तुम गम ना करो

इस दिल में अब कोई तूफान नहीं है

जिया धडक धडक जाये…


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